चैत्र नवरात्रि हिन्दू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक है। यह समय माँ दुर्गा की साधना, ऊर्जा शुद्धि और जीवन में नई शुरुआत का सबसे शुभ अवसर माना जाता है। ज्योतिष अनुसार इस समय की गई पूजा से ग्रह दोष शांत होते हैं और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
चैत्र नवरात्रि 2026 कब है?
प्रारंभ: 19 मार्च 2026 (गुरुवार)
समाप्ति: 27 मार्च 2026 (राम नवमी)
⏰ H3 – कलश स्थापना शुभ मुहूर्त
सुबह: 6:20 AM – 10:15 AM
अभिजीत मुहूर्त (वैकल्पिक): दोपहर समय
कलश स्थापना एवं नवरात्रि पूजा विधि
1.ईशान कोण की सफाई
2.लाल वस्त्र स्थापना
3.जौ बोना
4.जल से भरा कलश स्थापित करना
5.नारियल व आम पत्र लगाना
6.दीपक एवं मंत्र जाप
माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के आसान उपाय
1.रोज घी का दीपक जलाएं
2.दुर्गा सप्तशती / दुर्गा चालीसा पाठ
3.कन्या पूजन करें
4.सात्विक भोजन रखें
5.मंत्र जप: ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे
राशि अनुसार नवरात्रि उपाय (Astrology Remedies)
12 राशियों के उपाय
मेष: लाल फूल
वृषभ: सफेद मिठाई
मिथुन: हरी इलायची
कर्क: खीर भोग
सिंह: लाल चंदन
कन्या: दुर्गा चालीसा
तुला: सुगंधित पुष्प
वृश्चिक: गुड़
धनु: पीले फल
मकर: तिल तेल दीपक
कुंभ: नीले पुष्प
मीन: नारियल अर्पण
नवरात्रि में क्या करें और क्या न करें
✔ करें
ध्यान और मंत्र जप
घर में स्वच्छता
सकारात्मक सोच
❌ न करें
क्रोध
तामसिक भोजन
नकारात्मक बोल
ज्योतिषीय महत्व (Astrological Significance)
सूर्य ऊर्जा परिवर्तन और चंद्र शक्ति सक्रिय होती है, जिससे साधना का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। यह समय कर्म शुद्धि और भाग्य जागरण का होता है।
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